मन का साधना

मन का साधना   रतनगढ़ नाम के एक कस्बे की बात है| सुबह होते ही एक भिखारी, एक ठाकुर के घर भीख मांगने पहुंच गया| भिखारी ने ठाकुर साहब की हवेली का दरवाजा खटखटाया| उन दिनों ठाकुर साहब के दिन अच्छे नहीं चल रहे थे| दरवाजे पर आए व्यक्ति को हाजिरी देने लायक भी कोई व्यक्ति नहीं था|   ठाकुर साहब खुद बाहर आए और उन्होंने देखा कि आया हुआ व्यक्ति एक भिखारी है तो सहज ही उनका हाथ जेब में चला गया| लेकिन जेब में देने के लिए कुछ…

read more

जीतने की जिद

एक गांव में कुसुम नाम की एक लड़की  रहती थी| कुसुम का चयन एयरफोर्स में हो गया था और इस बात को लेकर उसके गांव वाले बड़े आश्चर्यचकित थे| किसी ने सोचा भी नहीं था कि एक छोटे से गांव की कमजोर वर्ग की लड़की एक दिन पूरे गांव का नाम रोशन करेगी | एक बार एयर फोर्स के कुछ अफसरों का  जत्था एवरेस्ट की चढ़ाई के लिए जा रहा था| कुसुम को भी उसमें शामिल किया गया| हालांकि उसे पर्वतारोहण का कोई भी अनुभव नहीं था| कुसुम कड़ी मेहनत करने लगी और…

read more

आदमी की कीमत

आदमी की कीमत राजा तैमूरलंग की क्रूरता से उसकी प्रजा बहुत परेशान थी| उसने ना जाने कितने देशों को रौंद डाला था और न जाने कितने लोगों के घर उजाड़ दिए थे| तैमूरलंग के सामने एक बार बंदियों को लाया गया| उन बंदियों में तुर्किस्तान का एक प्रसिद्ध कवि अहमद भी था|   अहमद को देखकर तैमूर ने दो गुलामों की ओर इशारा करते हुए कहा, मैंने सुना है कि कवि बहुत पारखी होते हैं| अगर ऐसा है तो एक बात बताओ कि इन दोनों गुलामों की क्या कीमत होगी?…

read more

दुखों का निवारण

End of sadness(दुखों का निवारण)   इस संसार में सभी व्यक्ति किसी न किसी वजह से दुखी हैं| कोई ज्यादा दुखी है तो कोई थोड़ा दुखी है और यह स्वाभाविक भी है| परिस्थितियों पर हमारा कोई control नहीं है| कई बार अच्छा करते-करते भी और हमारे प्रयास विफल हो जाते हैं| लेकिन अधिकांश दुखों का कारण हम स्वयं ही हैं| हमारे मन का अहंकार दूसरों की achievements को देख कर ईर्ष्या और क्रोध से भर जाता है| यदि मन की इच्छाएं पूरी ना हो तो हमारे जीवन में निराशा जन्म…

read more

Swami Dayanand | स्वामी दयानंद की प्रेरणादायक कहानी

स्वामी दयानंद सरस्वती के बारे में (About Swami Dayanand Saraswati) स्वामी दयानन्द (Swami Dayanand) सरस्वती का जन्म 12 फ़रवरी 1824 को टंकारा में मोरबी (मुम्बई की मोरवी रियासत) के पास काठियावाड़ क्षेत्र, गुजरात में हुआ था| उनके बचपन का नाम ‘मूलशंकर’ था। उनके पिता का नाम करशनजी लालजी तिवारी और माँ का नाम यशोदाबाई था। उनके पिता एक कर-कलेक्टर थे और ब्राह्मण परिवार के एक अमीर और प्रभावशाली व्यक्ति थे। दयानंद सरस्वती का प्रारम्भिक जीवन बहुत आराम से बीता। आगे चलकर एक पण्डित बनने के लिए वे संस्कृत, वेद, शास्त्रों…

read more

राजा की महानता | एक प्रेरणादायक कहानी

एक राजा अपनी प्रजा का हाल चाल जानने के लिए गांव में घूम रहा था| घूमते-घूमते उसके कुर्ते का बटन टूट गया| राजा ने मंत्री से कहा कि पता करो इस गांव में कौन दर्जी है जो मेरे कुर्ते का बटन लगा सकता है| मंत्री को पता चला कि गांव में एक ही दर्जी है जिसका नाम है सुखीराम| उसे राजा के सामने ले जाया गया| राजा ने कहा कि तुम मेरे कुर्ते का बटन लगा सकते हो| सुखीराम ने कहा, हुजूर यह कोई मुश्किल काम थोड़े ही है, यह…

read more

मोहित का आत्मविश्वास |एक प्रेरणादायक कहानी

एक ऐसे लड़के की कहानी जिसने अपने दोनों पैर गवाने के बावजूद, नए सिरे से जिंदगी की शुरुआत की|   आज मैं जिस लड़के की कहानी आप को सुनाने जा रहा हूं उसका नाम मोहित है| मोहित को बचपन से ही घूमने फिरने का बहुत शौक रहा है| नई जगह को देखना और नए लोगों से मिलना उसकी आदत में शुमार था| ‘स्नो ग्लाइडिंग(Snow gliding) उसका सबसे पसंदीदा शौक बन गया था| जिंदगी पूरी तरह से उसके हाथों में थी और वह जिंदगी को पूरी तरह से जी रहा था|…

read more

असली विजेता मोहन

जीतने का मतलब   एक गांव में मोहन नाम का लड़का रहता था| उसके पिताजी एक मामूली मजदूर थे| एक दिन मोहन के पिताजी उसको अपने साथ शहर ले गए| उनको एक मैदान साफ करने का काम मिला था जिसमें एक दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन होना था| मोहन मैदान देख कर बहुत खुश हुआ| उस दिन उसे भी दौड़ने का शौक चढ़ गया| जब यह दोनों गांव लौटे तो मोहन ने अपने पिता से जिद की कि हमारे गांव में भी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन होना चाहिए| मोहन के पिता…

read more

Donkey story (विकास की नौकरी और बेवकूफ गधा)

 बेवकूफ गधा – A Donkey story   विकास जिस ऑफिस में काम करता था उसमें ऐसे लोग भी  थे जो विकास के अच्छे काम से बहुत चिढ़ते थे| एक दिन जब विकास खाना खा रहा था| तो उसे अपने पीछे वाली टेबल पर कुछ फुसफुसाहट सुनाई दी| टेबल के बीच में लकड़ी की एक दीवार थी| विकास कान लगाकर सुनने लगा| उसने सुना कि उसके ऑफिस के 2 लोग प्रमोशन के बारे में कुछ बात कर रहे हैं| उसमें से एक ने कहा इस बार वह चाहे जो भी कर ले…

read more

Lord Indra story in hindi (सबसे बड़ा पहाड़)

Lord Indra story – सबसे बड़ा पहाड़ एक जगह पर तीन पहाड़ थे जो एक दूसरे के बहुत पास-पास थे| किसी का वहां पर आना जाना नहीं था| एक बार देवराज इंद्र (lord indra story) उधर से निकल रहे थे और उन्होंने तीनों पहाड़ों से कहा:- इस क्षेत्र में कोई नहीं आता है| मैं इस क्षेत्र का कोई नाम रखना चाहता हूं और मैं चाहता हूं कि तुम तीनों में से किसी के नाम पर ही क्षेत्र का नाम रखा जाए| तुम तीनों अपनी एक एक इच्छा पूरी करा सकते…

read more