योग और भोग | One of The Best Hindi Story

Best Hindi Story हेलो दोस्तों, एक ऐसी कहानी ( Hindi Story) आपके सामने पेश कर रहे हैं जो हमें जीवन में सिखाती है कि ईश्वर हमें हमारे कर्मों के अनुसार ही फल देते हैं| यदि हमारे कर्म अच्छे हैं तो उनका फल भी सुखदाई होता है और बुरे कर्मों का फल दुखदाई होता है|   योग और भोग एक राजा ने विद्वान ज्योतिषियों को बुलाकर एक प्रश्न किया कि मेरी जन्म पत्रिका के अनुसार, मेरा राजा बनने का योग था और मैं राजा बना| किंतु उसी घड़ी में अनेक और…

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Hindi kavita |  मां बाप तो बोझ लगे, पत्थर लगे गणेश

Hindi kavita on life पढ़िए, जिंदगी को नए आयाम देती 3 शानदार कविताएं (hindi kavita on life) जो जीवन को नई दिशा प्रदान करती है| Hindi Poem on life #1 पानी के बिना नदी बेकार है, अतिथि के बिना आंगन बेकार है, प्रेम ना हो तो सगे-संबंधी बेकार है, पैसा न हो तो पॉकेट बेकार है और जीवन में गुरु न हो तो जीवन बेकार है| इसलिए जीवन में गुरु जरूरी है, गुरुर नहीं| Hindi kavita on life #2 प्रभु कहते हैं……..!! होती आरती बजते शंख, पूजा में सब खोए…

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Poem on life in hindi | जिंदगी पर आधारित 3 कविताएं

poem on life in hindi (hindi poem on zindagi) जिंदगी को समझाती हुई 3 बेहतरीन प्रेरणादायक कविताएं (Poem on life in hindi) जो हमें जिंदगी की अहमियत और असलियत का ज्ञान कराती है| hindi poem on zindagi जिंदगी की आपाधापी में कब हमारी उम्र निकली पता ही नहीं चला| कंधे पर चढ़ने वाले बच्चे कब कंधे तक आ गए पता ही नहीं चला| किराए के घर से शुरू हुआ सफर कब अपने घर तक आ गया पता ही नहीं चला| साइकिल के पैडल मारते हुए हाँफते थे उस वक्त, कब…

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Gilhari Story in Hindi | गिलहरी और अखरोट

गिलहरी और अखरोट – Gilhari Moral Story एक गिलहरी (Gilhari) अपने काम पर समय से आती थी और अपना काम पूरी मेहनत और ईमानदारी से करती थी| गिलहरी (Gilhari) जरूरत से ज्यादा काम करके भी बहुत खुश थी क्योंकि उसके मालिक जंगल के राजा शेर ने उसे 5 बोरी अखरोट देने का वादा किया था| गिलहरी (Gilhari) काम करते-करते थक जाती तो थोड़ा आराम कर लेती थी| लेकिन फिर उसको याद आता था कि शेर ने उसे 5 बोरी अखरोट देने का वायदा किया है| यह सोचकर गिलहरी फिर काम पर…

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भंवरा और तितली की प्रेम कहानी | butterfly story

एक बाग में एक फूल पर एक भंवरा और तितली बैठा करते थे| वह एक दूसरे से बहुत मोहब्बत करते थे| वक्त के साथ उनकी मोहब्बत इतनी गहरी हो गई थी कि यदि उनमें से कोई एक दूसरे को नहीं देखता तो वह बेचैन होने लगते थे| एक दिन तितली ने भवरे से कहा कि मैं तुमसे जितना प्यार करती हूं क्या तुम भी मुझसे उतना ही प्यार करते हो? किस बात पर भंवरे ने कहा यदि तुम्हें यकीन नहीं है तो आजमा कर देख लो| तितली ने कहा:- जो…

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