101 Anmol Vachan in Hindi | 101 अनमोल वचन | Hindi Suvichar

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 101 प्रेरणादायक अनमोल वचन

Anmol Vachan in Hindi

Anmol Vachan

Anmol Vachan in Hindi [1 – 20]

 

1. स्नान से तन की शुद्धि, ध्यान से मन की शुद्धि और दान से धन की शुद्धि होती है|

2. जो दूसरों को हानि पहुंचा कर अपना हित चाहता है वह मूर्ख, अपने लिए दुख के बीज बोता है|

3. श्रद्धा ज्ञान देती है, विनम्रता मान देती है और योग्यता स्थान देती है|

4. जीवन में सब कुछ छोड़ देने के बाद ही सब कुछ मिलता है|

5. जीवन का रहस्य यही है कि सुख से सटो मत और दुखों से हटो मत|

6. सुविधा और सम्मान दूसरों को देना चाहिए,लेने की कामना नहीं रखनी चाहिए|

7. स्वार्थ ही विष और त्याग ही अमृत है|

8. चरित्रवान व्यक्ति का वैभव कभी कमजोर नहीं होता|

9. मानवता के तीन शत्रु है:- जल्दबाजी, चिंता और मिर्च मसाला|

10. शरीर के कठिन से कठिन रोग तो मरने के साथ ही समाप्त हो जाते हैं परंतु काम, क्रोध, मद, लोभ, मोह यह सभी शत्रु शरीर के मरने के बाद भी जीव के साथ जाते हैं|

11. विपत्ति में धैर्य नहीं छोड़ना चाहिए बल्कि उसे भगवान की देन मानकर संपत्ति के रूप में स्वीकार करना चाहिए|

12. संसार छोड़ने से परमात्मा नहीं मिलता परंतु परमात्मा के मिलने से दुनिया अपने आप छूट जाती है|

13. गुरु से शिष्य की कोई भी बात छुपी हुई नहीं है क्योंकि सागर को मालूम होता है की बूंद में कितना पानी है|

14. जैसा मैं चाहूं वैसा हो जाए, यह इच्छा जब तक रहेगी, तब तक शांति नहीं मिल सकती|

15. क्रोध बुद्धि को खा जाता है
घमंड ज्ञान को खा जाता है
प्रायश्चित पाप को खा जाता है
तथा लालच ईमान को खा जाता है|

16. जो बात आपके अनुकूल ना हो उसका विरोध कभी नहीं करें|

17. यदि दूसरों को पहचानना है तो सबसे पहले खुद को पहचानना होगा|

18. प्रेम, करुणा और सहानुभूति के आंसू पवित्र होते हैं|

19. अपने स्वभाव का सुधार व्यक्ति खुद ही कर सकता है दूसरे तो केवल आपको राह दिखा सकते हैं|

20. अहंकार मानव को दानव बनाता है|

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Anmol Vachan in Hindi [21 – 40]

 

21. मन सफेद कपड़े की भांति होता है, इसे जिस रंग में डुबाओगे इस पर वही रंग चढ़ जाएगा|

22. मृत्यु और समय कभी किसी का इंतजार नहीं करते|

23. इस संसार में अपेक्षा कभी किसी की पूरी नहीं होती तथा आवश्यकता किसी की अधूरी नहीं रहती, क्योंकि हमारी आवश्यकताएं बहुत कम होती है और अपेक्षाएं बहुत अधिक|

24. जैसे तन की स्वच्छता के लिए स्नान जरूरी है, वैसे ही मन की स्वच्छता के लिए साधना जरूरी है|

25. जो व्यक्ति दूसरों को रुलाते हैं एक दिन उन्हें खुद ही रोना पड़ता है|

26. शांति खो जाती है परिवार में और उसे खोजने जाते हैं हरिद्वार में|

27. यदि तुम अपनी भलाई चाहते हो तो अपने मन का भेद किसी को मत दो यह सबसे बड़ा गुरु मंत्र है|

28. जीवन में यदि जीतने के लिए कोई चीज है तो वह है ‘मन’

29. जिसको कुछ नहीं चाहिए उसको सब कुछ मिल जाता है|

30. अभिमान कभी करना नहीं चाहिए और स्वाभिमान कभी छोड़ना नहीं चाहिए|

31. कभी किसी का अपमान मत करो क्योंकि अपना सम्मान सबको प्रिय होता है|

32. लालची मनुष्य की इच्छाएं कभी पूरी नहीं होती है|

33. प्रसन्नता वह चंदन है जो दूसरों के मस्तिष्क पर लगाने से आपकी उंगलियां स्वयं महक उठती है|

34. सतर्क वही होता है जो बिजली की चमक में भी रास्ता ढूंढ लेता है|

35. दुख एक दर्पण होता है जो सब कुछ दिखाता है, सुख एक दर्शक है जो बस देखता है|

36. जो मनुष्य अपने को चालाक तथा दूसरों को बेवकूफ समझता है वह धोखा खाता है|

37. चार चीजों का सेवन करना चाहिए- सत्संग, संतोष, दान और दया|

38. जीवन तभी कष्ट में होता है जब वस्तुओं की इच्छा करते हैं और मृत्यु तभी कष्टदाई होती है जब जीने की इच्छा करते हैं|

39.संसार एक वृक्ष है तथा वृक्ष का मूल भगवान है| यदि आप मूल को जल देते हैं तो वृक्ष अपने आप खिल जाता है| पत्तों पर पानी डालने की जरूरत नहीं है|

40. दुनिया में सबसे कठिन काम अपने आप को सुधारना और सबसे आसान काम दूसरों में कमियां निकालना है|

Anmol Vachan in Hindi [41 -60]

 

41. जीवन एक नाटक है- अपनी भूमिका अदा करें|
जीवन एक चुनौती है- सामना करें|
जीवन एक गति है- गतिशील रहे|
जीवन एक पहेली है- हल करें|
जीवन एक समस्या है- समाधान करें|
जीवन एक संघर्ष है- सामना करें|

42. बुद्धि का काम है जानना| मन का काम है मानना| अगर मन नहीं माने तो जानने का कोई अर्थ नहीं है|

43. शांति के समान कोई तपस्या नहीं, संतोष से बढ़कर कोई सुख नहीं, तृष्णा से बढ़कर कोई व्याधि नहीं, और दया से बढ़कर कोई धर्म नहीं है|

44. जो अपने गुणों से प्रसिद्ध होता है वही उत्तम होता है|

45. उत्तम मनुष्य मान चाहते हैं,
मध्यम लोग धन और मान चाहते हैं|
अधम लोग केवल धन चाहते हैं|

46. क्रोध को क्षमा से जीतो,
मान को विनय से जीतो,
कपट को सरलता से जीतो,
तथा लोभ को संतोष से जीतो|

47. जिसका हृदय पवित्र नहीं, वह धार्मिक नहीं हो सकता|

48. ऐसी कोई बात किसी व्यक्ति के बारे में मत कहो जिसे तुम उसके मुंह पर नहीं कह सकते|

49. निरंतर सफलता (success) हमें संसार का केवल एक ही भाग दिखाती है, विपत्ति हमें चित्र का दूसरा भाग भी दिखाती है|

50. प्रातः काल जल पीना, टहलना तथा व्यायाम करना उतना ही आवश्यक है जितना कि भोजन करना आवश्यक है|

51. भोजन स्वाद के लिए नहीं, बल्कि जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए करना चाहिए|

52. हमेशा अपने कर्तव्य को याद रखें, दुखों को नहीं|

53. अंधकार, तूफान, भूख, दुर्घटना आदि का उसी प्रकार सामना करो जिस प्रकार पशु और पक्षी करते हैं|

54. अपनी चिंताओं को सीमित कीजिए तथा उनका मूल्य निश्चित कीजिए|

55. यदि भाग्य में खटास मिले तो उसे मिठास में बदल लीजिए|

56. मनुष्य जैसा कर्म करता है वैसा ही उसे फल मिलता है|

57. अपने कर्मों से ही इंसान छोटा या बड़ा बनता है|

58. रिश्तेदारों के प्यार का पता दुख का समय आने पर ही लगता है|

59. सच्चा मित्र वही होता है जो मित्र से विश्वासघात ना करें|

60. इस दुनिया में कोई भी मनुष्य ऐसा नहीं है जिसे कोई भी दुख ना हो|

Anmol Vachan in Hindi [61 – 80]

 

61. विद्या हमेशा निरंतर अभ्यास करने से ही आती है|

62. जो मनुष्य सबको खुश रखना चाहता है वह किसी को खुश नहीं कर सकता|

63. गुरु नानक साहब कहते हैं:- जो तुम देते हो वह तुम्हारा है, जो तुम रखते हो वह तुम्हारा नहीं है|

64. मनुष्य जब एक नियम तोड़ता है तो दूसरे नियम अपने आप टूट जाते हैं|

65. धन से पुस्तक प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन बुद्धि नहीं|
धन से मकान प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन परिवार नहीं|
धन से मनोरंजन प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन सुख नहीं|
धन से मंदिर प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन भगवान नहीं|

66. एकाग्र मन मित्र है| चंचल मन शत्रु है|

67. जीवन हमेशा जीने के लिए होता है काटने के लिए नहीं|

68. जिसको हम सदा अपने पास नहीं रख सकते, उसकी इच्छा करने से और उसको पाने से क्या लाभ?

69. मानव जीवन एक अनमोल अवसर है|

70. जो दोष व्यक्ति में बाहर से आता है, उसे बाहर भी किया जा सकता है|

71. आज की सबसे बड़ी समस्या है कि कोई भी व्यक्ति दूसरों की बात नहीं सुनना ही नहीं चाहता|

72. जीवन का विकास, सुख और दुख, दोनों से होता है|

73. यदि मनुष्य को जीवन में केवल लाभ ही प्राप्त होता रहे तो उसका अहंकार बढ़ जाता है|

74. जीवन मूल्यवान है, धन दौलत नहीं| इसलिए जीवन का हमेशा आदर करो|

75. जीवन की गाड़ी में गति के साथ-साथ संयम भी आवश्यक है वरना दुर्घटना निश्चित है|

76. जानकारी को ज्ञान नहीं समझना चाहिए क्योंकि जानकारी हौज़ है तथा ज्ञान कुआँ है|

77. दूसरों की बुराई देखने से स्वयं के अंदर बुराइयां पैदा होती है|

78. स्वयं की अपेक्षा तथा दूसरों की उपेक्षा ही दुखों का मूल कारण है|

79. अगर जीवन में मस्ती चाहता हूं तो अपनी हस्ती(अहंकार) को मिटा दो|

80. परिस्थितियों को नहीं बल्कि मन स्थिति को बदलने का प्रयास करना चाहिए|

Anmol Vachan in Hindi [81 -101]

 

81. वे माता पिता धन्य हैं जो अपनी संतान के लिए उत्तम पुस्तकों का संग्रह छोड़ जाते हैं|

82. इस दुनिया में सबसे अधिक कष्ट अज्ञानी व्यक्ति को होता है|

83. बीता हुआ समय और कहे हुए शब्द कभी वापस नहीं आ सकते|

84. इंसान को हमेशा अपनी बुद्धि और दूसरों का धन कई गुना दिखाई देता है|

85. दूसरों के साथ वह व्यवहार कभी ना करें जो तुम्हें अपने लिए पसंद नहीं है|

86. तीन लोगों का सम्मान हमेशा करना चाहिए:- माता पिता और गुरु|

87. तीन लोगों पर हमेशा दया करनी चाहिए:- भूखे व्यक्ति पर, पागल व्यक्ति पर तथा बालक पर|

88. तीन चीजें हमेशा याद रखनी चाहिए:- सच्चाई, कर्तव्य और मृत्यु|

89. तीन चीजें निकल कर कभी वापस नहीं आती:-
तीर, कमान से|
बात, जबान से|
तथा प्राण, शरीर से|

90. समय बहुत कीमती होता है| करोड़ों रुपए खर्च करके भी एक नया क्षण खरीदा नहीं जा सकता|

91. जीवन (Jeevan) का सत्य तब मालूम होता है जब हमारे जीवन में श्रद्धा और विश्वास का मिलन होता है|

92. जहां प्रेम है, वही परमात्मा है|

93. मौत को हमेशा याद रखो किंतु उस से डरो नहीं क्योंकि उसका समय निश्चित है|

94. ज्ञान श्रद्धा से मिलता है और भक्ति, विश्वास से मिलती है|

95. जो व्यक्ति अपने वर्तमान को बिगाड़ लेता है उसका भविष्य स्वयं ही धुंधला हो जाता है|

96. आदर्श सन्यासी होने की अपेक्षा एक आदर्श गृहस्थ होना अधिक कठिन है|

97. उस काम को कभी नहीं करना चाहिए जिसको करने के बाद पछताना पड़े|

98. महान कार्य को करने के लिए आत्मविश्वास बहुत जरूरी होता है|

99. संतुष्टि सबसे बड़ा धन है, विश्वास सबसे बड़ा बंधु है, तथा निर्वाण सबसे बड़ा सुख है|

100. जो व्यक्ति अपने जीवन में दूसरों को खुशी के पल देता है वह खुद भी बहुत सुख पाता है|

101. इस जीवन का सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगे लोग|


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