अकबर और बीरबल | Akbar Birbal Ki Kahaniya

Akbar Birbal Ki Kahaniya 1. गधे तंबाकू नहीं खाते   अकबर तंबाकू नहीं खाते थे, किंतु बीरबल को तंबाकू का शौक था| एक दिन अकबर ने तंबाकू के खेत में गधे को घास खाते देखकर कहा:- ‘बीरबल, यह देखो तंबाकू कितनी बुरी चीज है| गधा तक इसको नहीं खाता| बीरबल ने कहा:- ‘हुजूर, आप ने सच कहा, गधे ही तंबाकू नहीं खाते हैं| बीरबल की यह बात सुनकर बादशाह बड़े शर्मिंदा हुए| 2. गाय का दूध   एक बार की बात है जब बादशाह अकबर दरबार में आए और बीरबल…

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21 Akbar Birbal Stories in Hindi [NEW] | अकबर बीरबल के किस्से

अकबर बीरबल की 21 मजेदार कहानियां Akbar Birbal Stories in Hindi     Akbar Birbal Stories in Hindi #1 चार मूर्ख   एक दिन बादशाह के मन में एक बात आई कि संसार में मूर्खों की संख्या तो बहुत है, परंतु मैं चार सबसे बड़े मूर्खों को देखना चाहता हूं| बादशाह ने बीरबल से कहा:- ‘जाओ, ऐसे चार मूर्खों की तलाश करो जिनके जैसा कोई और दूसरा ना मिले’| जो आज्ञा हुजूर, बीरबल ने कहा| कुछ दूर जाने के बाद बीरबल को एक आदमी दिखाई पड़ा जो थाली में पान…

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Snake Story in Hindi | जहरीला सांप और सपेरा

जब सपेरे ने सांप को आजाद कर दिया (Snake story) एक बार की बात है जब सपेरा(snake charmer) अपना खेल दिखा कर घर लौट रहा था| तभी अचानक उसकी पोटली से एक सांप (snake) निकल कर भाग गया| अगली सुबह जब उसने पिटारा खोला, तो एक जहरीला सांप गायब था|  सपेरा डर गया कि कहीं अगर वह सांप किसी को काट लेगा तो बड़ी मुसीबत हो जाएगी| यह सांप उसका सबसे बड़ा सांप था जिसे देखकर लोग  उसे पैसे देते थे| यह सोचते सोचते सपेरा, सांप की तलाश में निकल…

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सुखीराम की कहानी (दो नावों में पैर) | Achi Kahani

दो नावों में पैर   गुजरात में एक व्यापारी रहते थे, जिनका नाम सुखीराम था| सुखीराम सुबह सुबह उठकर स्नान करने के बाद भगवान का भजन करते थे| फिर ठीक समय पर दुकान खोल कर बैठ जाते थे| उनकी ईमानदारी के चर्चे चारों तरफ थे| जब उनके बच्चे जवान हो गए तो उन्होंने पिताजी का काम संभाल लिया| सुखीराम मन ही मन सोचने लगे कि अब 60 वर्ष की आयु हो गई है| ऐसे में दुकान का लालच छोड़कर क्यों नहीं पूरा समय भगवान के भजन और जन सेवा में लगाया…

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Teacher student story (क्लास टीचर का सबक)

क्लास टीचर का सबक A teacher student story एक बार एक student जल्दबाजी में अपनी सीट पर पहुंचने के चक्कर में दूसरे student से टकरा गया| दूसरा student बोतल से पानी पी रहा था तो धक्का लगने की वजह से पानी उसकी कमीज पर गिर गया और उसकी कमीज गीली हो गई| दूसरा student पहले student पर चिल्लाया, देख कर नहीं चल सकते क्या अंधे? पहले student ने विनम्रता से जवाब देते हुए:- कहा माफ करना गलती से लग गया| लेकिन पहला student जितनी विनम्रता से माफी मांग रहा था दूसरा…

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Bird story in hindi(एक चिड़िया का राजा को ज्ञान)

चौथी बात [A Bird story in hindi]   एक राजा के महल में एक सुंदर बगीचा था| बगीचे में अंगूर की बेल लगी हुई थी और उस बैल पर एक चिड़िया रोज आकर बैठती थी| चिड़िया प्रतिदिन अंगूर की बेल से चुन-चुनकर मीठे अंगूर खाती थी और खट्टे अंगूर को नीचे गिरा देती थी| बगीचे के माली ने चिड़िया को पकड़ने की बहुत कोशिश की पर वह माली के हाथ नहीं आती थी| माली ने राजा को यह बात सुनाई| यह सुनकर राजा ने चिड़िया को सबक सिखाने की ठान…

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जीतने की जिद

एक गांव में कुसुम नाम की एक लड़की  रहती थी| कुसुम का चयन एयरफोर्स में हो गया था और इस बात को लेकर उसके गांव वाले बड़े आश्चर्यचकित थे| किसी ने सोचा भी नहीं था कि एक छोटे से गांव की कमजोर वर्ग की लड़की एक दिन पूरे गांव का नाम रोशन करेगी | एक बार एयर फोर्स के कुछ अफसरों का  जत्था एवरेस्ट की चढ़ाई के लिए जा रहा था| कुसुम को भी उसमें शामिल किया गया| हालांकि उसे पर्वतारोहण का कोई भी अनुभव नहीं था| कुसुम कड़ी मेहनत करने लगी और…

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राजा की महानता | एक प्रेरणादायक कहानी

एक राजा अपनी प्रजा का हाल चाल जानने के लिए गांव में घूम रहा था| घूमते-घूमते उसके कुर्ते का बटन टूट गया| राजा ने मंत्री से कहा कि पता करो इस गांव में कौन दर्जी है जो मेरे कुर्ते का बटन लगा सकता है| मंत्री को पता चला कि गांव में एक ही दर्जी है जिसका नाम है सुखीराम| उसे राजा के सामने ले जाया गया| राजा ने कहा कि तुम मेरे कुर्ते का बटन लगा सकते हो| सुखीराम ने कहा, हुजूर यह कोई मुश्किल काम थोड़े ही है, यह…

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असली विजेता मोहन

जीतने का मतलब   एक गांव में मोहन नाम का लड़का रहता था| उसके पिताजी एक मामूली मजदूर थे| एक दिन मोहन के पिताजी उसको अपने साथ शहर ले गए| उनको एक मैदान साफ करने का काम मिला था जिसमें एक दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन होना था| मोहन मैदान देख कर बहुत खुश हुआ| उस दिन उसे भी दौड़ने का शौक चढ़ गया| जब यह दोनों गांव लौटे तो मोहन ने अपने पिता से जिद की कि हमारे गांव में भी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन होना चाहिए| मोहन के पिता…

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Donkey story (विकास की नौकरी और बेवकूफ गधा)

 बेवकूफ गधा – A Donkey story   विकास जिस ऑफिस में काम करता था उसमें ऐसे लोग भी  थे जो विकास के अच्छे काम से बहुत चिढ़ते थे| एक दिन जब विकास खाना खा रहा था| तो उसे अपने पीछे वाली टेबल पर कुछ फुसफुसाहट सुनाई दी| टेबल के बीच में लकड़ी की एक दीवार थी| विकास कान लगाकर सुनने लगा| उसने सुना कि उसके ऑफिस के 2 लोग प्रमोशन के बारे में कुछ बात कर रहे हैं| उसमें से एक ने कहा इस बार वह चाहे जो भी कर ले…

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