Kabir Ke Dohe in Hindi with Meaning | कबीर के दोहे

Kabir Ke Dohe in Hindi संत कबीर के सर्वश्रेष्ठ दोहे इस अंक में हम संत कबीर जी के द्वारा रचित दोहे व् साखी (Kabir Ke Dohe in Hindi) प्रस्तुत कर रहे है जिनसे हमें जीवन में बहुत प्रेरणा मिलती है | अधिकांश दोहे उनके भावार्थ सहित लिखे गए है जिससे उनके अर्थ को समझने में आसानी होगी | जब मैं था तब हरी नही, अब हरी है मैं नाहिं | सब अँधियारा मिटि गया , जब दीपक देख्या माहिं || Hindi Meaning :-इस दोहे में कबीर दास जी (Kabir Das)…

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Surdas Ke Dohe | Surdas Poem in Hindi | सूरदास के पद

surdas ke dohe

Surdas Ke Dohe in Hindi सूरदास के पद Surdas Ke Dohe #1 उधौ मन न भये दस बीस एक हुतौ सो गयौ स्याम संग, को अवराधे ईस| इंद्री सिथिल भई केसव बिनु, ज्यौं देहि बिनु सीस| आसा लागि रहति तन स्वासा, जीवहिं कोटि बरीस| तुम तौ सखा स्याम सुन्दर के, सकल जोग के ईस| सूर हमारै नन्द-नंदन बिनु, और नहीं जगदीस| Surdas Ke Dohe #2 सखी री मुरली लीजै चोरि जिनी गोपाल कीन्है अपने बस, प्रीति सबनि की तोरि| छिन इक घर भीतर, निसि बासर, धरत न कबहुँ छोरि| कबहुँ…

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