7 Short Moral Stories in Hindi | 7 प्रेरणादायक कहानियां

प्रेरणादायक हिंदी लघु कहानियां Short Moral Stories in Hindi   Short Moral Stories in Hindi #1 मेंढक और लड़के   एक दिन कुछ लड़के एक तालाब के पास खेल रहे थे| उस तालाब में मेंढको का एक परिवार रहता था| लड़कों ने अपने मजे के लिए तालाब में पत्थर फेंकने शुरू कर दिए| और जब पानी उछलता था, तो वह लड़के भी खुशी से उछलने लगते थे| जैसे ही पत्थर पानी में जाता था, तो बेचारे मेंढक दर्द की वजह से कांपने लगते थे| अंत में एक साथी मेंढक बाहर…

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खुश रहने का राज (एक प्रेरणादायक कहानी)

खुश रहने का राज एक जंगल में एक ऋषि रहते थे| लोग अपनी समस्याएं लेकर आते थे और ऋषि उनका समाधान करते थे| एक बार एक व्यक्ति ने ऋषि से पूछा, ‘ गुरुदेव’, खुश रहने का क्या राज है?   ऋषि ने उससे कहा, ‘ तुम मेरे साथ जंगल में चलो, वहीं पर मैं तुम्हें खुश रहने का राज बताता हूं’| और वह दोनों जंगल की ओर चल दिए| रास्ते में ऋषि ने एक बड़ा सा पत्थर उठाया और उस व्यक्ति को दे दिया और कहा, इसे पकड़ो और चलो|…

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बीज और फसल

बीज और फसल   मथुरा के पास एक छोटे से गांव में एक किसान परिवार रहता था जो खेती-बाड़ी करके अपना जीवन यापन करता था| उस किसान का एक बेटा था जिसका नाम सोहन था| वह भी खेती बाड़ी में अपने पिताजी का साथ देता था| किसान परिवार हर वर्ष आलू की फसल उगाते थे|   पिताजी पूरा खेत जोतते थे| सोहन की मां और सोहन मिलकर पतली-पतली नालियों की कतार में बीज(seed) डालते थे और फिर उसके ऊपर खाद का मिश्रण डालते थे|खाद डालने के बाद उन नालियों को…

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Bhagwan Ram story in Hindi | हिंसा की सजा

Bhagwan Ram story – हिंसा की सजा राम (Bhagwan Ram) बहुत ही न्याय प्रिय राजा थे| वह प्रतिदिन लोगों की मुश्किलें हल करने की कोशिश करते थे| एक दिन शाम को उन्होंने लक्ष्मण को बाहर जाकर देखने को कहा कि कोई और व्यक्ति तो इंतजार नहीं कर रहा है|   Bhagwan Ram बाहर जाकर लक्ष्मण की नजर एक कुत्ते पर पड़ी जो बहुत उदास बैठा था| लक्ष्मण ने उससे पूछा कि तुम उदास क्यों हो? कुत्ता बोला:- मैं राम से न्याय चाहता हूं| लक्ष्मण उसे अंदर ले गए| कुत्ते ने…

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सुखीराम की कहानी (दो नावों में पैर) | Achi Kahani

दो नावों में पैर   गुजरात में एक व्यापारी रहते थे, जिनका नाम सुखीराम था| सुखीराम सुबह सुबह उठकर स्नान करने के बाद भगवान का भजन करते थे| फिर ठीक समय पर दुकान खोल कर बैठ जाते थे| उनकी ईमानदारी के चर्चे चारों तरफ थे| जब उनके बच्चे जवान हो गए तो उन्होंने पिताजी का काम संभाल लिया| सुखीराम मन ही मन सोचने लगे कि अब 60 वर्ष की आयु हो गई है| ऐसे में दुकान का लालच छोड़कर क्यों नहीं पूरा समय भगवान के भजन और जन सेवा में लगाया…

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Socrates teachings | ज्योतिषी और सुकरात

ज्योतिषी और सुकरात – Socrates teachings यूनान के प्रसिद्ध दार्शनिक सुकरात एक बार अपने शिष्यों से बातें कर रहे थे| उसी समय एक ज्योतिषी(Astrologer) वहां पहुंचा| उसका दावा था कि वह चेहरा देखकर व्यक्ति के चरित्र(character) के बारे में बता सकता है|   Socrates teachings यह तो हम सब लोग जानते ही हैं कि सुकरात जितने अच्छे दार्शनिक(philosopher) थे| सुंदरता में वह उतने ही बदसूरत लगते थे| पर लोग उन्हें उनके सुंदर विचारों की वजह से मानते थे| लोगों के लिए सुकरात का रंग रूप कोई मायने नहीं रखता था|  …

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Bird story in hindi(एक चिड़िया का राजा को ज्ञान)

चौथी बात [A Bird story in hindi]   एक राजा के महल में एक सुंदर बगीचा था| बगीचे में अंगूर की बेल लगी हुई थी और उस बैल पर एक चिड़िया रोज आकर बैठती थी| चिड़िया प्रतिदिन अंगूर की बेल से चुन-चुनकर मीठे अंगूर खाती थी और खट्टे अंगूर को नीचे गिरा देती थी| बगीचे के माली ने चिड़िया को पकड़ने की बहुत कोशिश की पर वह माली के हाथ नहीं आती थी| माली ने राजा को यह बात सुनाई| यह सुनकर राजा ने चिड़िया को सबक सिखाने की ठान…

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जैसा अन्न वैसा मन

जैसा अन्न वैसा मन एक बार एक ऋषि, अतिथि के तौर पर एक राजा के यहां पहुंचे| राजा ने उनका खूब आदर सत्कार किया और उन्हें भोजन कराया| भोजन करने के कुछ घंटों बाद ही ऋषि की मनोवृत्ति में अंतर आ गया और उन्होंने राजा का हार चुरा लिया|   अब राजा धर्म संकट में पड़ गया कि ऋषि पर दोष कैसे लगाएं? काफी सोच विचार करने के बाद विद्वानों ने राय दी, “महाराज, अन्न का प्रभाव मन पर भी पड़ता है| हो सकता है कि राजकोष का यह अन्न…

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नाम में क्या रखा है

नाम में क्या रखा है?   एक बार एक संत अपनी कुटिया में विश्राम कर रहे थे| तभी उनका एक शिष्य ‘रामचंद्र’ गुस्से से भरा हुआ आया और बोला, गुरुदेव, लोग बड़े निर्लज्ज हो गए हैं| अब देखिए ना, आप की कुटिया के सामने एक व्यक्ति ने बाल काटने की दुकान खोली है और उसकी मूर्खता देखिए| दुकान का नाम रखा है ‘गुरुदेव सैलून’| उसे फौरन बुलाकर नाम बदलने के लिए कहें| नहीं तो मैं उसकी दुकान में आग लगा दूंगा|   संत ने हंसकर कहा, तुम बेकार में ही…

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जिंदगी को देखने का नजरिया

जिंदगी को देखने का नजरिया   अभिषेक और अर्जुन बचपन के जिगरी दोस्त थे| लेकिन काम में व्यस्त होने के कारण दोनों ज्यादा नहीं मिल पाते थे| अभिषेक पढ़ लिखकर एक बैंक में अच्छे पद पर नौकरी कर रहा था लेकिन फिर भी वह अपने काम से खुश नहीं था| दूसरी और अर्जुन एक फोटोग्राफर बन गया था| क्योंकि उसे बचपन से ही फोटोग्राफी का शौक था| और वह अपनी जिंदगी से बहुत खुश था| एक दिन अभिषेक, अर्जुन के घर खाने पर गया| अभिषेक ने अर्जुन से कहा यार,…

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