अकबर और बीरबल | Akbar Birbal Ki Kahaniya

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akbar birbal ki kahaniya

Akbar Birbal Ki Kahaniya

1. गधे तंबाकू नहीं खाते

 

अकबर तंबाकू नहीं खाते थे, किंतु बीरबल को तंबाकू का शौक था| एक दिन अकबर ने तंबाकू के खेत में गधे को घास खाते देखकर कहा:-

‘बीरबल, यह देखो तंबाकू कितनी बुरी चीज है| गधा तक इसको नहीं खाता|

बीरबल ने कहा:- ‘हुजूर, आप ने सच कहा, गधे ही तंबाकू नहीं खाते हैं|

बीरबल की यह बात सुनकर बादशाह बड़े शर्मिंदा हुए|

2. गाय का दूध

 

एक बार की बात है जब बादशाह अकबर दरबार में आए और बीरबल मौजूद नहीं थे।

अकबर ने पूछा, “बीरबल कहां है?”

एक दरबारी ने झिझकते हुए कहा, “वह अभी तक नहीं आया है, हुजूर।”

अकबर ने कहा, ” बीरबल अभी तक नहीं आया?”

थोड़ी ही देर के बाद बीरबल दरबार में हाजिर हो गए और देर से आने के लिए माफ़ी मांगी।

“मुझे बहुत खेद है, जहांपनाह,मेरा बच्चा रो रहा था|” मुझे उस को शांत कराने में देरी हो गई|

अकबर ने बीरबल की इस बात को सुनकर बड़ा ही आश्चर्य किया। अकबर ने कहा “बीरबल! क्या तुम्हें मालूम नहीं है कि बच्चे को कैसे समझाया जाता है?! “” चलो मैं तुम्हें करके बताता हूं “।

बादशाह ने कहा, “आज मैं कुछ देर के लिए तुम्हारा पिता बन जाता हूं और तुम मेरे बेटे।” ” वही सवाल तुम मुझसे पूछो जो तुम्हारे बच्चे ने तुमसे पूछा था”।

बीरबल ने कहां ” इसके लिए मुझे एक गाय चाहिए”

“गाय? ठीक है ” बीरबल के लिए एक गाय लाओ ” बादशाह ने आदेश दिया। तभी एक गाय को दरबार में पेश किया गया।

बीरबल ने एक बच्चे की आवाज में अकबर से कहा, “मैं इस गाय का दूध पीना चाहता हूं”।

एक नौकर ने गाय का दूध निकालकर बीरबल को दे दिया। बीरबल ने इसे थोड़ा पी लिया और कटोरे को बाकी दूध के साथ अकबर को सौंप दिया।

फिर उसने कहा “अब इस बचे हुए दूध को वापस गाय में डाल दो”।

अकबर ने गुस्से में कहा, ” क्या बक रहे हो बीरबल?” भला ऐसा भी कहीं हो सकता है!

लेकिन बीरबल तो बच्चे बने हुए थे इसलिए उन्होंने इस बात की जिद पकड़ ली|

अकबर को कोई जवाब नहीं मिला और चुपचाप वहां से बाहर निकल गए।

सीख:-

दूसरों को दोष देने से पहले वास्तविक स्थिति का अनुभव करना चाहिए।

 

3. सितार खाना नहीं खाता

 

एक दिन बीरबल ने बादशाह से एक गवैया की बड़ी तारीफ करते हुए कहा:- ‘हुजूर, ऐसा सितार बजाने वाला आपके राज्य में कोई और दूसरा

नहीं है’| बादशाह ने उसके सितार को सुना और खुश होकर अगले दिन दावत का ऐलान किया| बड़े बड़े अमीर लोग आए हुए थे| बीरबल भी सभा में पहुंचे और उनका पुराना भंगी भी उनके साथ था|

सब लोग खाना खाने बैठे तो बादशाह ने सितार बजाने वाले को सामने आने को कहा| बीरबल के इशारे से भंगी सामने आ गया| खाली हाथ

देखकर बादशाह ने कहा:- ‘तुम्हारा सितार कहां है? उसे क्यों नहीं लाए’?

भंगी ने कहा:- हुजूर, मुझे यहां दावत में शामिल होने के लिए कहा गया था और मेरा सितार खाना नहीं खाता| तो फिर मैं उसे खाने के समय

पर क्यों लेकर आता|बादशाह अपनी भूल पर बड़े शर्मिंदा हुए|

4. आधी छाव आधी धूप

 

एक बार बादशाह अकबर ने रुष्ट होकर बीरबल को नगर छोड़कर कहीं अन्य जगह पर जाने का आदेश दिया| आदेश पाते ही बीरबल किसी दूर के गांव में भेस बदल कर जीवन व्यतीत करने लगे| बीरबल स्वाभिमानी पुरुष थे इसलिए बादशाह के बिना बुलाए कैसे आते|

एक दिन बादशाह को बीरबल की याद आई और उनका पता निकालने के लिए बादशाह को एक उपाय सूझा|
उन्होंने शहर में मुनादी कराकर कहा:- ‘जो कोई आधी धूप और आधी छाया लेकर मेरे सामने आएगा उसे 1000 रुपए इनाम में दिए जाएंगे’|

यह खबर सारे शहर तथा गांव में फैल गई| लेकिन किसी को कुछ भी उपाय नहीं सूझा| इस बात की खबर बीरबल के कानों में भी पहुंच गई| बीरबल ने एक किसान से कहा:- अपने आंगन में जो तुम यह खाट देख रहे हो| इस खाट को अपने सिर पर रख कर बादशाह के सामने जाना और निवेदन करना कि मैं आपके सामने आधी धूप और आधी छाया लेकर आया हूं, इसलिए मुझे पुरस्कार मिलना चाहिए|

किसान ने ऐसा ही किया| वह खाट को सिर पर रखकर बादशाह के महल में उपस्थित हो गया| बादशाह समझ गए कि यह किसान के दिमाग की उपज नहीं है और किसान से बोले:- तुम सच-सच बताओ कि यह उपाय तुम्हें किसने बताया है?

किसान ने सारा वर्णन बादशाह को बता दिया कि एक बीरबल नाम का एक ब्राह्मण, कुछ दिनों से हमारे गांव में रहता है| उन्होंने ही मुझे ऐसा करने का सुझाव दिया है| बादशाह बीरबल का नाम सुनते ही बहुत खुश हो गए| उन्होंने किसान को 1000 रुपए इनाम में दिए और अपने एक कर्मचारी को उस किसान के साथ भेजकर बीरबल को वापस महल में बुला लिया|


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