Gautam Buddha story in hindi | कबूतर का घोंसला


Gautam Buddha story in hindi

कबूतर का घोंसला

एक बार भगवान बुद्ध अपने शिष्यों के साथ बैठे हुए थे| बुद्ध ने उन्हें एक कथा (Gautam Buddha story in hindi) सुनाई:-

एक बार की बात है एक पेड़ की डाल पर एक कबूतर और कबूतरी रहते थे| कुछ समय बाद कबूतरी ने 5 अंडे दिए| एक दिन कबूतर और कबूतरी भोजन की तलाश में दूसरी जगह पर गए हुए थे| तभी एक चालाक लोमड़ी ने वहां आकर उनके सारे अंडे खा लिए|

जब कबूतर और कबूतरी वापस आए तो उन्होंने देखा कि वहां पर अंडे नहीं है| कबूतर और कबूतरी का दिल टूट गया| इस वजह से वे दोनों कई दिन तक इसका शोक मनाते रहे| अंत में कबूतर ने घोंसला बनाने की ठान ली| उसने कुछ तिनके इकट्ठा किए पर उसे लगा कि वह तो जानता ही नहीं कि घोंसला कैसे बनाया जाता है|

gautam buddha story in hindi

Gautam Buddha story in hindi

घोंसला बनाना सीखने के लिए उसने दूसरे पक्षियों को बुलाया| पक्षी उसका घोंसला बनाने लगे| साथ ही, कबूतर को सिखाते भी जाते|
पंछियों ने कुछ तिनके रखें ही थे कि कबूतर ने उन्हें रोकते हुए कहा मैं खुद भी घोसला बना सकता हूं|
पक्षी तिनके पटक कर उड़ गए|

 

Gautam Buddha stories in hindi

कबूतर ने एक तिनका एक टहनी पर रखा| दूसरा, दूसरी टहनी पर रखा| पर वह घोंसला ना बना सका|
उसने फिर सभी पंछियों को बुलाया| उन्होंने मिलकर घोंसले का आधा हिस्सा पूरा किया ही था कि कबूतर फिर चिल्ला उठा:-‘ मैं जानता हूं कि यह कैसे बनता है’

पक्षियों ने कहा, तुम खुद बना सकते हो तो बना लो| पर कबूतर से फिर भी कुछ नहीं बना| पक्षियों को तीसरी बार फिर बुलाया लेकिन इस बार एक भी पंछी नहीं आया|
इसलिए दोस्तों कबूतर का घोंसला आज तक भी बेढंगे तरीके से बना चला आ रहा है|

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