Mulla Do Pyaza | मुल्ला दो प्याजा के 5 मजेदार किस्से

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Mulla Do Pyaza Story #1 

कोई क्या बिगाड़ेगा

 

कुछ दिनों से मुल्ला दो प्याजा (Mulla Do Pyaza) बहुत परेशान चल रहे थे| उनका हर काम बनते बनते बिगड़ जाता था|मुल्ला जी बहुत परेशान रहने लगे तो एक दिन उनकी पत्नी ने उनसे कहा कहीं ऐसा ना हो कि तुम्हारे ग्रह खराब चल रहे हो| तुम्हें किसी तांत्रिक से मिलना चाहिए|

mulla do pyaza

Mulla Do Pyaza

 

मुल्लाजी तांत्रिक के पास गए| तांत्रिक ने उन्हें देखकर कहा आप पर शनि की महादशा चल रही है, राहु केतु की दशा भी ठीक नहीं है |आप को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है|
घबराते हुए मुल्ला दो प्याजा बोले:- ‘महाराज नुकसान से बचने का कोई उपाय बताएं’| तांत्रिक बोला इसका उपाय तो है, परंतु उसके लिए पूजा पाठ करना होगा जिसमें 500 रुपए खर्च होंगे| पहले 500 रुपए दे दो तो मैं उपाय कर दूंगा|

मुल्लाजी बोले 500 रुपए दो बहुत ज्यादा है| तांत्रिक ने कहा तो ठीक है 251 रुपए का ही उपाय करवा लो| 251 रुपए भी ज्यादा है, महाराज|

थक हार कर तांत्रिक 11 रुपए पर उतर आया| मुल्लाजी ने 11 रुपए देने में भी आनाकानी कर दी तो तांत्रिक गुस्से में बोला:- ‘मुल्लाजी आप जाकर मजे से घर में बैठिए| सभी ग्रह मिलकर भी आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकते’|

 

Mulla Do Pyaza Story #2

मुल्ला की यात्रा

 

एक बार मुल्ला तलवार, भाला, ढाल और कटार से लैस होकर यात्रा को चल दिए| रास्ते में डाकुओं ने मुल्ला को घेर लिया और मारपीट कर कपड़े तक उतरवा लिए| ऐसी हालत में रोते पीटते हुए मुल्ला अपने नगर वापस आए|

लोगों ने कहा- ‘मुल्लाजी डाकू निहत्थे थे और तुम्हारे पास सारे अस्त्र थे| फिर धन कैसे छीन लिया’| मुल्ला ने कहा- ‘लाठी मारकर’|
दोस्तों ने पूछा- ‘तो तुमने मुकाबला क्यों नहीं किया’|

मुल्ला ने भड़कते हुए कहा:-‘अमा,’तुम लोग भी महामूर्ख हो| मेरे एक हाथ में तलवार थी दूसरे हाथ में भाला| दोनों हाथ रुके थे| अब भला मुकाबला कैसे करता?’

Mulla Do Pyaza Story #3

आपसे बड़ा मूर्ख नहीं

 

एक दिन मुल्ला दो प्याजा बादशाह के साथ तरह-तरह की बातें कर रहे थे| बहुत रोकने पर भी उनकी छींक निकल ही पड़ी|
बादशाह ने तुरंत कहा- ‘मुल्लाजी बड़े मुर्ख हो आप’

मुल्लाजी ने सोचते हुए धीरे से उत्तर दिया- ‘नहीं महाराज, मैं आप से बड़ा कभी नहीं हो सकता’|

 

Mulla Do Pyaza Story #4

पड़ोसी की दावत

 

एक बार मुल्ला दो प्याजा एक पड़ोसी के यहां दावत में निमंत्रित थे| भोजन के अंत में चाशनी में पके हुए रसीले फल का कटोरा आया| गर्मी का मौसम था| फल, बर्फ में ठंडा किए हुए थे|

मुल्ला दो प्याजा के मुंह में पानी आ गया, मगर मेजबान ने जो चम्मच मुल्ला दो प्याजा व मेहमानों को दे रखे थे वे बहुत छोटे थे| वह खुद बड़े चम्मच से खा रहा था|

हर बार वह फल का एक बड़ा टुकड़ा उछाल कर मुंह में रख कर कहता- ‘हाय, मैं मर गया’|

अंत में मुल्ला दो प्याजा से रहा नहीं गया| उन्होंने मेजबान के हाथ से चम्मच छीनते हुए कहा- ‘आप बहुत मर चुके हैं जनाब, अब थोड़ा हमें भी

मर जाने दीजिए’|

Mulla Do Pyaza Story #5

अल्लाह के फरिश्ते

 

मुल्ला दो प्याजा ने एक बार अपने दोस्तों की बैठक मैं वसीयत लिखी कि जब मैं मर जाऊं तो मुझे किसी पुरानी कब्र में गाड़ देना|
दोस्तों ने पूछा- ‘क्यों’?

मुल्ला ने कहा:- “जब अल्लाह के फरिश्ते आएंगे, तो यह समझ कर कि यह पुरानी कब्र है और इस मुर्दे से पहले ही पूछताछ की जा चुकी है| तो मुझसे बिना प्रश्न किए ही लौट जाएंगे”


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