मन की शक्ति बहुत जरूरी है


जैसे योग आसन और व्यायाम के बिना हमारा शरीर fit नहीं रहता है| ठीक उसी प्रकार मन का कार्य सही तरीके से संपन्न करने के लिए कुछ मानसिक व्यायाम(mental exercise) भी आवश्यक होता है|

यदि इंसान में शारीरिक शक्ति तो बहुत ज्यादा हो लेकिन मानसिक रूप से वह strong ना हो, तो उसे एक complete human being नहीं कह सकते|

 

 

कभी कभी लाइफ में होता है कि हमारे मन में बहुत ही negetive विचार आने लगते हैं| ऐसी स्थिति में अपने मन को शुद्ध करिए और अपनी inner voice को सुनिए|

किसी के प्रति कोई बैर ना रखें| अपने मन में कोई शंका या कोई मैल ना रखें| किसी इंसान के ऊपर उंगली उठाने से पहले एक बार अपने खुद के अंदर भी झांक लीजिए कि हमारे अंदर कितनी कमियां है| मन की गंदगी को पूर्ण रुप से निकाल देने पर आप प्रत्येक कार्य को सही तरीके से संपन्न कर सकते हैं

मन का स्वभाव बहुत चंचल है| तितली से भी ज्यादा चंचल स्वभाव मन का है, जैसे तितली एक फूल से दूसरे फूल पर मंडराती रहती है| उसी तरह हमारा मन भी एक जगह पर नहीं टिकता है| यदि हम अपने मन में उठते विचारों को control करना सीख लेते हैं| तो हमारे जीवन में संतुष्टि(satisfaction) और शांति की भावना पैदा होने लगती है|

 


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