भंवरा और तितली की प्रेम कहानी | butterfly story


एक बाग में एक फूल पर एक भंवरा और तितली बैठा करते थे| वह एक दूसरे से बहुत मोहब्बत करते थे| वक्त के साथ उनकी मोहब्बत इतनी गहरी हो गई थी कि यदि उनमें से कोई एक दूसरे को नहीं देखता तो वह बेचैन होने लगते थे| एक दिन तितली ने भवरे से कहा कि मैं तुमसे जितना प्यार करती हूं क्या तुम भी मुझसे उतना ही प्यार करते हो?

किस बात पर भंवरे ने कहा यदि तुम्हें यकीन नहीं है तो आजमा कर देख लो|

तितली ने कहा:- जो कल सुबह इस फूल पर सबसे पहले आ कर बैठेगा तो समझ लेना वही सबसे ज्यादा प्यार करता है|

इस शर्त के साथ दोनों शाम को घर चले गए सुबह के वक्त कड़ाके की ठंड होने के बावजूद भी तितली सुबह-सुबह आकर फूल पर बैठ गई लेकिन भंवरा अभी तक नहीं आया था| तितली बहुत खुश थी क्योंकि वह शर्त जीत चुकी थी| कुछ देर बाद धूप से फूल खिला तो तितली ने देखा कि भंवरा फूल के अंदर मरा पड़ा है, क्योंकि वह शाम को घर गया ही नहीं था और ठंड से वही मर गया|

इसलिए सही कहा है किसी ने:-

दिल में रहने वालों का दिल दुखाया नहीं करते चाहने वालों को भूल से भी रुलाया नहीं करते

और सच्ची मोहब्बत किसी की आजमाया नहीं करते|


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