Poem on Moon in Hindi | चंदा मामा पर कविताएँ 


चाँद पर आधारित सुन्दर कविताएँ

{Poem on Moon in Hindi}

 

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Poem on Moon in Hindi #1

चंदा मामा पास के,

कहने को आकाश के |

मम्मी के लगते है भैया,

नाते इनके खास के |

चंद्रयान से जाकर उनके,

दर्शन किये निवास के |

जग को शीतलता देने में,

तुम हो पुंज प्रकाश के ||

डॉ० राज गोस्वामी 

Poem on Moon in Hindi #2

दिन में सोते चंदा मामा,

रात निकल कर आते है |

अंधकार में भटक रहे जो,

उनको राह दिखाते है |

कभी दिखाई देते छोटे,

कभी बड़े हो जाते है |

कभी-कभी बदल में छुपते,

शायद वो शरमाते है |

कभी गोल दिखलाई देते,

कभी अर्ध बन जाते है |

हमको तो बस चंदा मामा,

सभी रूप में भाते है ||

अरुण श्रीवास्तव 

Poem on Moon in Hindi #3

बात पते की बतलाता हूँ ,

सुन लो चंदा मामा |

होशियार हो जाओ,

होने वाला है हंगामा |

आपके घर में घुसने वाले,

है दुनिया के लोग |

संभल जाइये वरना उनको,

न पाएंगे रोक |

आपके घर में बन जाये,

घर, होटल, बाजार |

नाक में दम कर देंगे जीना,

तक होगा दुश्वार |

इसलिए कहता हूँ मामा,

मानो मेरी बात |

दुनिया को न पदों दिखाई,

दे दो सबको मात |

छिपने की न जगह मिले तो,

मेरे घर आ जाओ |

 बैठ हमारे संग मजे से,

           हलवा पूरी खाओ ||

फहीम चाँद 


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