Poem On Birds In Hindi | पक्षियों पर हिंदी कविताएं


पक्षियों पर आधारित सुंदर कविताएं – Poem On Birds In Hindi

 

Birds poems in hindi

Poem On Birds In Hindi #1

कलरव करती सारी चिड़िया,

लगती कितनी प्यारी चिड़िया |

दाना चुगती, नीड बनाती,

श्रम से कभी न हारी चिड़िया |

भूरी, लाल, हरी, मटमैली,

श्रंग-रंग की न्यारी चिड़िया |

छोटे-छोटे पर है लेकिन,

     मीलो उड़े हमारी चिड़िया ||

Poem On Birds In Hindi #2

कौन सिखाता है चिड़ियों  को,

ची ची ची ची करना ?

कौन सिखाता फुदक फुदक कर,

उनको चलना फिरना ?

कौन सिखाता फुर्र से उड़ना,

दाने  चुग-चुग खाना ?

कौन सिखाता तिनके ला ला,

कर घोंसले बनाना ?

कुदरत का यह खेल वही,

हम सबको, सब कुछ देती,

किन्तु नहीं बदले में हमसे,

वह कुछ भी है लेती ||

द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी

 

Poem On Birds In Hindi #3

प्रात: होते ही चिड़िया रानी, बगिया में आ जाती,

चूं चूं करके शोर मचाकर बिस्तर में मुझे जगाती |

तिलगोजे  जैसी चोंच है उसकी,

मोती जैसी आंखें |

छोटे छोटे पंजे उसके

रेशम जैसी आंखें |

मीठे मीठे गीत सुनाकर,

तू सबका मन बहलाती |

छोटे छोटे दाने चुग कर

बड़े चाव से खाती |

चारो तरफ फुदक फुदक कर,

तू अपना नाच दिखाती |

नन्हे नन्हे तिनके चुनकर,

तू अपना घोंसला बनाती |

रात होते ही झट से

तू घोंसले में घुस जाती |

पेड़ो की शाखाओ में तू,

अपना बास बनाती |


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