Gilhari Story in Hindi | गिलहरी और अखरोट

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गिलहरी और अखरोट – Gilhari Moral Story

एक गिलहरी (Gilhari) अपने काम पर समय से आती थी और अपना काम पूरी मेहनत और ईमानदारी से करती थी| गिलहरी (Gilhari) जरूरत से ज्यादा काम करके भी बहुत खुश थी क्योंकि उसके मालिक जंगल के राजा शेर ने उसे 5 बोरी अखरोट देने का वादा किया था|

Gilhari

गिलहरी (Gilhari) काम करते-करते थक जाती तो थोड़ा आराम कर लेती थी| लेकिन फिर उसको याद आता था कि शेर ने उसे 5 बोरी अखरोट देने का वायदा किया है| यह सोचकर गिलहरी फिर काम पर लग जाती थी| वह गिलहरी (Gilhari) जब दूसरी गिलहरियों को खेलते हुए देखती थी, तो उसकी भी इच्छा होती थी कि मैं भी खेलूं| परंतु उसे अखरोट याद आ जाते थे और वह फिर काम पर लग जाती थी| ऐसे ही समय बीतता गया एक दिन ऐसा भी आए जब जंगल के राजा ने गिलहरी को 5 बोरी अखरोट देकर सेवानिवृत्त कर दिया| फिर एक दिन गिलहरी (Gilhari) बैठकर सोचने लगी कि पूरी जिंदगी तो काम करते-करते मेरे सारे दांत गिर गए| अब इन अखरोट को खाऊं तो खाऊं कैसे?

Moral:-

यह कहानी हमारे जीवन पर भी लागू होती है| पूरी जिंदगी इंसान अपनी इच्छाओं का त्याग करते हुए जिंदगी भर नौकरी, व्यापार और धन कमाने में बिता देता है| पूरे जीवन भर अपनी इच्छाएं मारता हुआ, तकलीफे सहता है| कितने ही सपने अधूरे रह जाते हैं| तो क्या फायदा ऐसे बैंक बैलेंस का जिसको पाने के लिए पूरी जिंदगी लग जाए और मनुष्य उसका खुद उपयोग भी ना कर सके| इसलिए हर पल खुश होकर जिओ हमेशा मस्त रहो तथा सदा स्वस्थ रहो|

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