115 Chanakya Quotes in Hindi | चाणक्य नीति

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Chanakya Quotes in Hindi

चाणक्य के अनमोल विचार

जब कहीं भी इतिहास में चंद्रगुप्त मौर्य का नाम आता है तो हमेशा दिमाग में एक चीज और आती है और वह है चाणक्य नीति | चाणक्य नीति (Chanakya Quotes in Hindi) विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक कला है|

आचार्य चाणक्य (Chanakya) ने जब मानव जाति के धर्म को बंधनों में जकड़े देखा तो उन्होंने सोचा कि आज मानवता को धर्म के बारे में पूरा ज्ञान देना आवश्यक है, इस तरह जन्म होता है चाणक्य नीति (Chanakya Niti) का|

Chanakya Quotes in Hindi पढ़ने से पहले आइये हम जान लेते है कि चाणक्य कौन थे |

 

कौन थे चाणक्य? Who was Chanakya?

 

Chanakya niti

 

चाणक्य, मौर्य वंश के महान सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के महामंत्री थे और तक्षशिला के निवासी थे| वह ‘कौटिल्य’ के नाम से भी प्रसिद्ध है| चाणक्य (Chanakya) ने ही नंद वंश का नाश करके चंद्रगुप्त मौर्य को राजा बनाया था|

अर्थशास्त्र, राजनीति, कृषि और समाज नीति आदि में चाणक्य का बहुत बड़ा योगदान है| एक साधारण युवक(चंद्रगुप्त मौर्य) को राजा बना देने की शक्ति केवल चाणक्य के पास ही थी|

मौर्य साम्राज्य के संस्थापक के रूप में महापंडित विष्णुगुप्त चाणक्य को हमेशा याद किया जाएगा, जिन्होंने भारत का पूरा इतिहास ही बदल कर रख दिया| उनके द्वारा बताई गई कुछ ज्ञान की बातें “Chanakya Quotes in Hindi” नीचे विस्तार पूर्वक लिखी गई है:

 

Chanakya Quotes in Hindi -Part 1

 

Chanakya Quotes in Hindi

 

1. जिस देश में आदर नहीं, जीने के साधन नहीं, विद्या प्राप्त करने के स्थान

नहीं , वहां पर रहने का कोई लाभ नहीं|

 

2. बुद्धि सदा अज्ञानता को नष्ट करती है, बुद्धिमान व्यक्ति कभी भूखा नहीं मरता|

 

3. धन से धर्म की रक्षा होती है, शक्ति से राज्य की रक्षा होती है, यदि पत्नी

अच्छी पढ़ी-लिखी एवं गुणवान हो तो वह सारे घर की रक्षा कर सकती है|

 

4. जिस व्यक्ति का पेट भरा हुआ हो उसके लिए बढ़िया से बढ़िया भोजन भी

बेकार है|

 

5. शिक्षा एक ऐसा धन है जिसे कोई चोर चुरा नहीं सकता और ना ही कोई छीन

सकता है|

 

6. शक्तिशाली शत्रु और कमजोर मित्र हमेशा ही नुकसान देते हैं|

 

7. शिक्षा, यदि किसी घटिया प्राणी से भी मिले तो लेने में संकोच नहीं करना

चाहिए|

 

8. जब विनाश के दिन  आते हैं तो बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है|

 

9. दुश्मन के साथ धोखा करने से धन का नाश होता है और ब्राह्मण के साथ

धोखा करने से कुल का नाश होता है|

 

10. हाथी को अंकुश से, घोड़े को चाबुक से, सींग वाले पशुओं को डंडे से और

दुर्जन व्यक्ति को तलवार से दंड देना चाहिए|

 

11. जिस जगह झगड़ा हो रहा  हो वहां पर कभी भी खड़े नहीं होना चाहिए |

कई बार ऐसे झगड़ों में बेगुनाह मारे जाते हैं|

 

12. जो लोग मिली हुई चीज को छोड़कर उस चीज के पीछे भागते हैं, जिसके

मिलने की कोई उम्मीद ही ना हो, ऐसे लोग मिली हुई चीज को भी खो देते हैं|

 

chanakya quotes in hindi

Chanakya Quotes in Hindi

 

13.  धर्म, गुरु का ज्ञान, दवाइयां आदि का सदा संग्रह करके रखना चाहिए,

समय आने पर यह सब चीजें इंसान के काम आती है|

 

14. मित्रता उस स्थान के लोगों से की जानी चाहिए जहां पर शर्म, चतुरता,

त्याग जैसी आदतें अवश्य हो|

 

15.सोना यदि किसी गंदी जगह पर भी पड़ा हो तो उसे उठा लेना चाहिए|

 

16. पत्नी जैसी भी हो ,धन जितना भी हो ,भोजन कैसा भी हो ,यह सब यदि

समय पर मिल जाए तो सबसे अच्छा है|

 

17. इस संसार में कोई ऐसा प्राणी नहीं है जिसमें कोई दोष न हो|

 

18. यदि किसी दुष्ट वंश में बुद्धिमान कन्या हो तो उससे शादी कर लेनी

चाहिए, गुण ही सबसे बड़ी विशेषता है|

 

19. लड़की की शादी सदा अच्छे घर में करनी चाहिए और बेटे को शिक्षा अवश्य

दिलवानी चाहिए|

 

20. पागल ,बुद्धिहीन आदमी से सदा दूर रहे ,ऐसे लोग पशु समान होते हैं|

 

21. अपने मन का भेद दूसरों को देने वाले लोग सदा ही धोखा खाते हैं|

 

22. परिश्रम करने से इंसान की गरीबी दूर हो जाती है और पूजा करने से पाप

दूर हो जाते हैं|

 

23. मक्खी के सिर में और बिच्छू की दुम में जहर होता है, परंतु बुरे इंसान के

पूरे शरीर में ही जहर होता है, इसलिए बुरा व्यक्ति सबसे अधिक जहरीला होता

है|

 

24. जीवन में किसी भी खतरे को सामने देखकर डरना नहीं चाहिए|

 

25. कोई भी कार्य आरंभ करने के पश्चात उस से घबराना नहीं चाहिए और ना

ही उसे बीच में छोड़ना चाहिए|

 

26. जो प्राणी मन से अपना काम करते हैं वे सदा सुखी रहते हैं|

 

27. संतोष और धैर्य से जो सुख प्राप्त हो सकता है वह किसी और चीज से नहीं

मिल सकता|

 

28. जिस शत्रु से आप को जान का खतरा हो उसे ताकत से कुचल देना चाहिए|

 

29. भले और विद्वान लोगों से हमेशा मेलजोल बढ़ा कर रखें|

 

30. मनुष्य हर शरीर के साथ ही अपने जन्म के कर्मों का फल पाता है|

 

Chanakya Quotes in Hindi -Part 2

 

31. बिना पढ़े पुस्तक को अपने पास रखना तथा अपना कमाया हुआ धन

दूसरों के हवाले करना नुकसानदायक हो सकता है|

 

32. इस संसार में यदि आप किसी चीज पर पूर्ण रुप से विश्वास कर सकते हैं

तो वह केवल आपका मन है|

 

33. नारी और धन दोनों ही कभी भी धोखा दे सकते हैं इसलिए इन दोनों के बारे

में सदा होशियार रहें|

 

34. जो औरत दूसरों की ओर देखती है ऐसी औरत कभी भी धोखा दे सकती है

इसलिए ऐसी औरत से सदा दूर रहना चाहिए|

 

35. मानवता से बड़ा धर्म इस संसार में कोई नहीं है|

 

36. प्राणी को हमेशा सत्य से ही प्यार करना चाहिए ,सत्य की शक्ति से ही वह

हर स्थान पर विजय प्राप्त कर सकता है|

 

37. होनी को कोई नहीं टाल सकता वह तो अटल है इस संसार की कोई भी

शक्ति उसे नहीं टाल सकती|

 

38. मौत कभी सोती नहीं, वह हमेशा जागती रहती है ,इसलिए मौत को कभी

मत भूलो|

 

39. दूसरों का भला चाहने वाले ही आत्मिक शांति प्राप्त कर सकते हैं|

 

40. जैसी हमारी भावना होती है हमें वैसा ही फल मिलता है|

 

41. ईश्वर ही राजा को दास और दास को राजा बना देता है|

 

42. तीर्थ यात्रा पूजा एवं तीर्थ स्थान यह सब मन की खुशी के लिए होते हैं|

 

43. भोजन करते समय प्राणी को सदा मौन रहना चाहिए, मौन रहकर भोजन

करने से स्वास्थ्य लाभ होता है|

 

44. जो ब्राह्मण केवल एक समय भोजन खाकर संतुष्ट हो जाए वही ब्राह्मण

विद्वान माना जाता है|

 

45. धर्म के कार्यों में सबसे आगे रहना, मीठा बोलना, दान पुण्य करना,

ब्राह्मणों का सम्मान करना और घर आए मेहमान की सेवा करना एक अच्छे

पुरुष के लक्षण हैं|

 

46. पागल शिष्य का उपदेश देना, दुखी लोगों से मेलजोल रखना, इन सब

चीजों से बुद्धिमान दुखी रहते हैं|

 

47. किसी प्राणी के वंश का पता उसके व्यवहार से ही लग जाता है|

 

48. ब्राह्मण केवल विद्या के सहारे ही पंडित कहलाता है, राजा अपनी सेना के

दम पर ही बहादुर होता है और बनिया अपनी कारोबारी बुद्धि से ही धन कमाता

है|

 

49. जो राजा शक्तिशाली नहीं होता, प्रजा कभी भी उस राजा का साथ नहीं

देती|

 

50. पक्षी कभी उस पेड़ पर नहीं बैठते जिस पर फल नहीं होते |

 

51. देश की रक्षा के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर देना चाहिए|

 

52. व्यापारी के लिए कोई भी देश दूर नहीं होता, वह अपने कारोबार के लिए

कहीं भी जा सकता है|

 

53. विद्वान के लिए इस संसार में सब मार्ग खुले रहते हैं, वे लोग कहीं भी जाते

हैं तो उनका हमेशा आदर होता है|

 

54. अच्छा पुत्र वही होता है जो मां बाप की आज्ञा का पालन करें|

 

55. जिस धर्म में दया की शिक्षा ना मिले ,उसे छोड़ देना ही बेहतर होता है|

 

Chanakya Quotes in Hindi -Part 3

 

 

56. दूसरे हाथों में गया हुआ धन कभी वापस नहीं आता|

 

57. विद्या निरंतर अभ्यास करने से ही आती है|

 

58. दान देने से दरिद्रता दूर होती है, जो लोग दूसरों के दुख दूर करते हैं ,

भगवान उनके दुख हमेशा दूर करता है|

 

59. अनुभवहीन आदमी के लिए तो शस्त्र केवल एक जहर के समान है|

 

60. जो हर समय अपने घर के ही ख्यालों में ही खोया रहता है उसे विद्या नहीं

आ सकती|

 

61. जो व्यक्ति पाखंडी होता है वह दूसरों का काम बिगाड़ देता है|

 

62. जो व्यक्ति पराई औरत को मां के समान, दूसरों के धन को मिट्टी के समान

और सब प्राणियों को एक समान मानते हैं वही पंडित होते हैं|

 

63. निर्धन हमेशा धन की तलाश में भटकते हैं, उनके मन में सदा अमीर बनने

की इच्छा रहती है|

 

64. यदि पेट भरने का नाम ही जीवन है तो यह काम तो आवारा कुत्ते भी कर

लेते हैं|

Chanakya Quotes in Hindi

 

65. ईर्ष्या,असफलता का दूसरा नाम है ईर्ष्या करने से अपना ही महत्व कम

होता है|

 

66. बुरे के साथ हमेशा बुरा व्यवहार करना चाहिए क्योंकि लोहा हमेशा लोहे से

ही कटता है|

 

67. गुणवान की प्रशंसा तो सभी लोग करते हैं किंतु गुणवान व्यक्ति यदि

अपने मुंह से स्वयं की प्रशंसा करें तो अच्छा नहीं लगता|

 

68. पागल व्यक्ति,कोढ़ी, कुंवारी लड़की और ढोंगी साधुओं से दूर से ही

नमस्कार करना चाहिए|

 

69. जीवन में कर्म और परिश्रम से ही फल मिलता है|

 

70.समय किसी के लिए नहीं रुकता है, समय अपनी गति से चलता रहता है|

 

71. समय का कोई मूल्य नहीं है, इससे लाभ उठाने वाले ही आगे बढ़ते हैं|

 

72. जहां दो ब्राह्मण खड़े हो उनके बीच कभी मत जाओ क्योंकि ब्राह्मण का

क्रोध बहुत बुरा होता है|

 

73. धनवान व्यक्ति को मित्र अपने आप ही मिल जाते हैं| धन मित्रता को

जन्म देता है|

 

74. विद्वान की हर स्थान पर पूजा होती है| शिक्षक कोई भी हो उसका हर

स्थान पर सम्मान होता है|

 

75. यदि तुम अपनी भलाई चाहते हो तो अपने मन का भेद किसी को ना दें,

यही सबसे बड़ा गुरु मंत्र है|

 

 

Chanakya Quotes in Hindi -Part 4

एक साधारण युवक चंद्रगुप्त मौर्य को राजा बना देने वाले महान राजनीतिज्ञ व अर्थशास्त्री आचार्य चाणक्य (Chanakya) के द्वारा बताई गई जीवन के प्रति महत्वपूर्ण बातें (चाणक्य नीति) कुछ इस प्रकार हैं:-

chanakya niti

 

Complete Chanakya Niti

 

76. मनुष्य की चार चीजों की भूख कभी नहीं मिटती:- धन, जीवन, वासना

और भोजन इन सबके लिए मनुष्य हमेशा भूखा रहता है, भले ही उसे यह चीजें

कितनी भी मिल जाएं लेकिन उसकी लालसा समाप्त नहीं होती|

 

77. जीवन के इस लंबे सफर में यह सोच कर चलें कि कभी भी आप पर बुरा

समय आ सकता है,इसलिए ऐसे समय के लिए थोड़ा बहुत धन अवश्य बचा कर

रखना चाहिए| जब भी कभी इंसान पर बुरा समय आता है तो उसके अपने भी

पराए हो जाते हैं, यदि धन उसके पास हो तो वह इस समय का मुकाबला कर

सकता है|

 

78. बहुत भले बनकर जीवन नहीं व्यतीत किया जा सकता| भले और सीधे

आदमी को हर कोई दबा लेता है, उसकी शराफत और ईमानदारी को लोग

पागलपन समझते हैं, जैसे जंगल में सीधे पेड़ों को पहले काटा जाता है तथा टेढ़े-

मेढ़े पेड़ों छेड़ते हैं| इसलिए आप इतने सीधे मत बनिए कि लोग लूटकर ही खा

जाएं|

 

79. उल्लू दिन में नहीं देख सकता, इसमें भला सूर्य का क्या दोष है| कदीन के

पेड़ पर पत्ते नहीं आते हैं और न हीं फूल खिलते ,हैं इसमें बसंत ऋतु का क्या

दोष है|चातक के मुंह में वर्षा की एक बूंद नहीं गिरती, इसमें भला बादल का

क्या दोष है| यूं समझ लो कि यह सब कुछ विधाता की ही देन है|

 

80. ईश्वर महान है, सर्वशक्तिमान है |

इस संसार की सारी बागडोर ईश्वर के हाथ में है|

ईश्वर ही राजा को दास और दास को राजा बना देता है,

ईश्वर ही गरीब को अमीर और अमीर को गरीब बना देता है,

ईश्वर पर भरोसा रखो वही सबका ख्याल रखता है|

 

81. हर पहाड़ के अंदर हीरे नहीं होते,

हर हाथी के मस्तक पर मुक्ता नहीं होती,

सब स्थानों पर अच्छे आदमी नहीं मिलते,

हर स्थान पर चंदन नहीं होता,

हर चमकने वाली चीज सोना नहीं होती,

यह सारी दुनिया विवादों से घिरी हुई है,

इसलिए जीवन में कोई भी निर्णय लेने से पहले अवश्य सोचना चाहिए|

 

82. जैसे हाथी बूढ़ा होने पर भी चंचल रहता है, गन्ना कोल्हू में पीडे जाने पर भी

अपनी मिठास नहीं छोड़ता और सोना आग में तपने के बाद भी अपनी चमक

नहीं खोता,

इसी प्रकार से अच्छे चरित्र वाले लोग कहीं भी चले जाएं वह अपने गुणों को नहीं

छोड़ते|

 

83. कुछ पागल आदमियों ने पत्थर के टुकड़ों को ही रत्न मान लिया है, असली

रत्न तो केवल अनाज पानी और ज्ञान ही होते हैं| इन तीनों रत्नों से बड़ा रत्न

और कोई नहीं हो सकता|

 

84. पाप और पुण्य में क्या अंतर होते हैं?

मेरे शत्रु कौन है और मित्र कौन हैं?

मुझे किस कार्य में लाभ हो सकता है तथा किसमें हानि?

यह सोच कर मनुष्य को जीवन का हर पग उठाना चाहिए|

 

85. कठिन काम पड़ने पर सेवक की,

संकट के समय भाई-बंधु की,

आपत्ति काल में मित्र की तथा

धन के नाश हो जाने पर स्त्री की परीक्षा होती है|

 

86. शेर से एक, बुगले से चार, कौए से पांच, कुत्ते से छः और बाघ से 3 गुण

सीखने चाहिए:

काम भले ही थोड़ा करो किंतु मन लगाकर करना चाहिए , इंसान को यह शेर से

सीखना चाहिए|

समय के अनुसार अपनी शक्ति से काम करने का गुण बुगले से सीखना

चाहिए|

ठीक समय से जागना, सोना, लड़ना, झपट कर भोजन करना, यह गुण मुर्गे से

सीखने चाहिए|

समय-समय पर संग्रह करना, चौकस रहना, दूसरों पर विश्वास न करना, यह

गुण कौए  से सीखना चाहिए|

बहुत भूख में भी संतुष्ट रहना, गहरी नींद में सोते हुए भी जागे रहना, मालिक

की वफादारी  के  गुण कुत्ते से सीखने चाहिए|

 

87. यदि धन का नाश हो जाए, मन की शांति भंग हो जाए तो इन सब बातों को

बुद्धिमान लोग दूसरों को नहीं बताते| जो व्यक्ति दूसरों को बताने की भूल

करते हैं, लोग उनका मजाक बनाते हैं|

 

88. अपने हाथों से किया हुआ काम सबसे श्रेष्ठ होता है, इसलिए मनुष्य को

अपना हर कार्य अपने हाथों से स्वयं करना चाहिए|

 

89. अंधाधुंध खर्च करने वाला तथा जो अपनी आमदनी से अधिक खर्च करते हैं

और दूसरों से  झगड़ा करते हैं ऐसे लोग कभी सुखी नहीं रह सकते|

 

90. जैसे धरती खोदने से उसमें से पानी निकलता है, वैसे ही गुरु की सेवा करने

से विद्या प्राप्त होती है, यह बात सदा याद रखें कि गुरु की सेवा के बिना इंसान

कभी अच्छी शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकता|

 

Chanakya Quotes in Hindi -Part 5

 

Chanakya-hindi-quotes

 

91. कोई भी कार्य आरंभ करने से पहले यह प्रश्न करने चाहिए:-

यह कार्य मैं क्यों कर रहा हूं?

इसका क्या फल मिलेगा?

इन प्रश्नों का उत्तर गंभीरता से अपने मन में ढूंढने का प्रयत्न करें

इसके पश्चात ही काम आरंभ करें|

 

92. जो नारी अपने पति का कहना नहीं मानती और व्रत रखती है,

ऐसी नारियां अपने पति की आयु कम करती है|

ऐसी नारियों को यह सोचना चाहिए कि पति की आज्ञा के बिना चलना उनके

लिए कभी भी लाभदायक नहीं हो सकता|

उनके लिए स्वर्ग की प्राप्ति केवल पति की सेवा से ही संभव है|

 

93. जीवन का अर्थ यही है कि इसे सदा अच्छे काम में लगाए रखें, अच्छे भले

ज्ञान के कामों से ही पुरुष महान बनता है|

यह मत भूलो कि यह जीवन अस्थाई है| इसलिए इस जीवन के हर पल का

उपयोग किसी अच्छे कार्य के लिए किया जाना चाहिए|

 

94. जब तक जीवन है तब तक हर चीज में आनंद हैकिंतु जैसे ही मृत्यु आकर

जीवन का अंत कर देती है, इसके साथ ही हर चीज का अंत हो जाता है|

 

95. पुरुष आदि काल से ही चंचल है|

इस संसार में भगवान को छोड़कर हर चीज़ अस्थाई है|लक्ष्मी तो रमणी है सदा

न्रत्य करती है |

यह धन रिश्ते-नाते घर द्वार सब अस्थाई हैं| इनमें से कोई किसी का साथ

नहीं देता, केवल धर्म ही है जो अटल सत्य है| यह ज्ञान का भंडार है|

 

96. दूसरों का भला चाहने वाले ही तो आत्मिक शांति प्राप्त कर सकते हैं|

इंद्रियों पर संयम और जीवो पर दया करने से ही मुक्ति मिलती है|

 

97. कर्म से ही इंसान छोटा बड़ा बनता है,

इसलिए सदा अच्छे कर्म करो और बुराई से दूर रहो|

अच्छे कर्म करने से ही जीवन में शांति और सुख की प्राप्ति होती है|

 

98. जिस तरह से फूलों में खुशबू, तिलो में तेल, लकड़ी में आग, दूध में घी,

इन सब चीजों को बाहर से देख कर आप इन के गुणों का अंदाजा नहीं लगा

सकते क्योंकि यह गुण बाहर से दिखाई नहीं देते|

इन दोनों को पहचानने के लिए बुद्धि की आवश्यकता होती है, ठीक उसी प्रकार

मानव शरीर में आत्मा का निवास होता है|किसी आत्मा को हम शरीर से अलग

करके नहीं पहचान सकते, केवल अपने विचारों से ही इसकी परख कर सकते

हैं|

 

99. देवता मिट्टी की मूर्तियों अथवा ऊंचे मंदिरों में विद्यमान नहीं है, देवता तो

केवल हमारी आत्मा और हमारी भावनाओं में बसे हुए हैं| जैसी आपकी

भावनाएं होगी वैसा ही देवता का रूप होगा|

भावनाओं का ही प्रभाव जीवन के हर पहलू पर पड़ता है, जैसी किसी की भावना

होगी वैसा ही फल मिलेगा |इसलिए अच्छा फल पाने के लिए अपनी भावनाओं

को शुद्ध रखिए|

 

100. जो ब्राह्मण प्राकृतिक रूप से पैदा हुए फल और अन्य पदार्थों को खा

पीकर इस संसार से दूर जंगल में रहते हुए भगवान की पूजा करता है, वही

सच्चा भक्त महापुरुष एवं सच्चा ब्राह्मण माना जाता है|

 

101. बुरे इंसान और सांप में कौन अच्छा है? इस प्रश्न का उत्तर यही है कि

सांप तो केवल समय आने पर ही काटता है किंतु बुरे लोग हर पल बुराई करते

रहते हैं, इसलिए बुरा इंसान तो हर समय बुराई करके सांप से भी भयंकर हो

सकता है|

 

102. सागर सबसे महान है किंतु इसमें भी तूफान आते हैं, अपनी सारी सीमाएं

तोड़ कर विनाश कर देता है, परंतु सच्चे साधु और ज्ञानी लोग कभी भी अपनी

सीमाएं नहीं तोड़ते|

 

103. कोई मनुष्य भले ही कितना भी सुंदर हो तथा उसका जन्म भले ही

कितने बड़े घराने में हुआ हो ,परंतु यदि वह पढ़ा-लिखा नहीं है तो उसकी हालत

उस फूल के जैसी होती है जो देखने में तो सुंदर है परंतु सुगंध से वंचित है|

 

104. शस्त्रधारी कभी भी हमला कर सकता है, सींग वाले पशु कभी भी सींग

मारकर जख्मी कर सकते हैं,

स्त्रियां कभी भी झूठा लांछन लगा सकती है और राजघराने के लोग जरा जरा

सी बात पर बिगड़ जाते हैं,

इसलिए उनसे कभी भी खतरा पैदा हो सकता है|इन लोगों की दोस्ती और

दुश्मनी दोनों ही बुरी हैं|

 

105.दक्षिणा लेने के बाद ब्राह्मण, यजमान को, विद्या प्राप्त करने के बाद

शिष्य गुरु को छोड़ कर चले जाते हैं,

यही संसार का नियम है कि हर जीव जंतु और मनुष्य अपना काम होने पर

छोड़ देते हैं|

 

106. पूजा-पाठ केवल एकांत में करनी चाहिए, विद्यार्थियों को इकट्ठा बैठकर

पढ़ना चाहिए, मिलकर खेती करने से फसल अच्छी होती है,

इसी तरह यदि बहुत सारे लोग मिलकर सब शत्रु से युद्ध करें तो उन्हें विजय

प्राप्त होती है|

 

107. सूर्य के प्रकाश के सामने दीपक का कोई मोल नहीं है, इसी तरह अमीर

आदमी को दान देने से कोई लाभ नहीं है| दान हमेशा उसे ही दो जो गरीब हो|

 

108. अपने भाइयों सगे-संबंधियों के बीच छोटा बनकर रहने से कहीं अच्छा है

कि आदमी जंगल में जाकर रहने लगे, जहां पर बड़े-बड़े हाथी एवं बाघ रहते हैं|

खाने के लिए पत्ते और पीने के लिए तालाब को गंदा पानी मिले|ऐसे वातावरण

में भी तुम्हें आत्मिक शांति मिलेगी,क्योंकि वहां आप अपने आप को छोटा नहीं

समझेंगे|

 

109. अमृत से सबको जीवन मिलता है परंतु शिव भगवान विष पीकर और भी

पूजनीय होते हैं, इसलिए हर काम केवल पात्र पर निर्भर होता है|

 

110. महा पापी कौन है?

जो दूर से आए हुए सीधे-साधे और भले प्राणी को विश्राम की जगह ना दे,

जो घर आए मेहमान को खाना ना खिलाए,

जो दूसरों का माल हजम कर जाए, ऐसे लोग महा पापी होते हैं|

 

111. आग, पानी, सांप और राजा इन सब से मित्रता करने से घाटा ही घाटा है

क्योंकि यह क्रोध में आकर प्राणी की जान भी ले सकते हैं|

 

112. धरती पर कौन ऐसा है जिसे धन पाकर गर्व न हुआ हो,

ऐसा कौन प्राणी है जिसे नारी ने व्याकुल ना किया हो,

कौन मौत के पंजे से बच पाया है,

कौन ऐसा है जो बुराई के जाल में नहीं फसा हो,

कौन ऐसा है जो स्वादिष्ट खाने को देख कर मुंह में पानी न भर लाया हो,

सच तो यह है कि हम सब हमाम में नंगे हैं|

 

113. ताकतवर आदमी कभी साधु नहीं बनता,

धनवान व्यक्ति कभी ब्रह्मचारी नहीं बनता,

सेहतमंद आदमी भक्ति नहीं करता और

सुंदर नारी पतिव्रता धर्म के गुण कम ही गाती है|

 

114. गाय कुछ भी खा ले परंतु दूध ही देती है, इसी दूध से बढ़िया से बढ़िया

पदार्थ बनते हैं, इसी तरह से बुद्धिमान प्राणी कुछ भी करें, उनका ज्ञान कभी

कम नहीं होता |

 

115. तेल में पानी नहीं मिलता,

घी में से जल नहीं निकलता,

पारा किसी से नहीं मिल सकता|

इसी प्रकार विपरीत स्वभाव वाले व्यक्ति एक दूसरे से कभी नहीं मिल सकते|


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14 Thoughts to “115 Chanakya Quotes in Hindi | चाणक्य नीति”

  1. बहुत अच्छी जानकारी

  2. Rohit Kumar

    Bahut prernadayak jankari hai

  3. Mihir satyaraj mishra

    Great brahaman

  4. motivational quotes ka bahut hi achha collection kiya hai thank you ye quotes ko padhkar bahut hi achha mahsus kar raha hu thank you

  5. Suman Kumar

    Very nice hurt touching.

  6. बहुत बढ़िया, मुझे चाणक्य quotes पढ़ने अच्छे लगते है क्यूंकि हमें ज़िन्दगी के बारे में काफी कुछ सीखने को मिलता है. और आपने एक ही ब्लॉग में कई कोट्स डाले है, thank you !

  7. Rahul Yadav

    Ye bahut hi Prernadayak thought’s hai thank you

  8. Nice बहुत बढ़िया, मुझे चाणक्य quotes पढ़ने अच्छे लगते है

  9. Bahut Hi Badhiya….Chanakya Ki Bate Aaj Bhi Sahi Hoti Hain.

  10. Kamlesh kumawat

    बहुत अच्छी शिक्षा हैँ, हिंदू धर्म के शास्त्रों में इतना ज्ञान है कि व्यक्ति कुछ भी कर सकता है लेकिन आज के युग में लोगों को धर्म की शिक्षा देने वाला कोई नहीं सब अधर्म की तरफ है जो विनाश का कारण बन सकता है ।

  11. BHEEKHAM PRASAD SAHU

    INKE VICHARO KO MAI AAJ BHI APNE UPER DEKHAA HAI…
    HAMESHA SATYA HOTA HAI…..
    मुझे चाणक्य quotes पढ़ने अच्छे लगते है ……

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