Panj Pyare | पंज प्यारे की कहानी

panj pyare

Panj Pyare Story in Hindi मुगलों के शासन के दौरान औरंगजेब का आतंक बढ़ता ही जा रहा था और अपने पिता गुरु तेग बहादुर के बलिदान जैसी घटना ने गोविंद राय (गुरु गोविंद सिंह) के मन को झकझोर कर डाला था| उन्होंने संकल्प लिया कि समय आने पर वह पीड़ितों की रक्षा करने के लिए सिंहो के समान निर्भीक, बहादुर लोगों का खालसा पंथ स्थापित करेंगे| Panj Pyare इसके लिए गुरु गोविंद सिंह जी ने बैसाखी के पावन पर्व पर आनंदपुर साहिब के विशाल मैदान में सिख समुदाय के लोगों…

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