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Palanhar Yojana 2023 | पालनहार योजना के लाभ क्या है और आवदेन कैसे करे?

राजस्थान सरकार ने 2004 में पूरे राजस्थान में अनाथ बच्चों के लिए एक योजना को लागू किया, जिसका नाम Palanhar Yojana रखा गया। शुरुआत में यह योजना केवल अनुसूचित जनजाति के लिए लागू की गई थी, लेकिन समय-समय पर इसमें बदलाव होते रहे और बहुत सी अन्य श्रेणियों को इसमें जोड़ दिया गया।

तो दोस्तों आज हम इस आर्टिकल में इस योजना के बारे में बात करेंगे कि Palanhar Yojana में 2023 में क्या बदलाव हुआ है? पालनहार योजना का लाभ कैसे उठाएं? पालनहार योजना में कौन से बच्चे आते हैं? पालनहार योजना के लिए कौन पात्र है? पालनहार योजना में कौन कौन से दस्तावेज चाहिए? पालनहार योजना कब से शुरू हुई? पालनहार कौन है? आदि सभी के बारे में विस्तार से जानेंगे।

Palanhar Yojana

सुकन्या समृद्धि योजना अटल पेंशन योजना

पालनहार योजना

Palanhar Yojana अनाथ बच्चों को पारिवारिक माहौल में रखने के लिए शुरू की गई। Palanhar Yojana के तहत अनाथ बच्चों को किसी संस्था या अनाथालय में ना रखकर, उनका पालन-पोषण और उनकी शिक्षा-दीक्षा समाज के बीच अर्थात अपने रिश्तेदारों या किसी परिचित के बीच पारिवारिक माहौल में कराई जाएगी। Palanhar Yojana के तहत अनाथ बच्चों का पालन-पोषण करने के इच्छुक परिवार को पालनहार बनाकर राजस्थान सरकार की ओर से शिक्षा, भोजन, वस्‍त्र एवं अन्‍य आवश्‍यक सुविधाएं उपलब्‍ध कराई जाती है, तथा पालनहार को अनुदान दिया जाता है।

पालनहार योजना : Overview

योजना का नाम पालनहार योजना राजस्थान (Palanhar Yojana)
किसके द्वारा शुरू कि गयी राजस्थान सरकार द्वारा (सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा)
आयु सीमा 0 से 18 वर्ष के अनाथ बच्चे
योजना का उद्देश्य अनाथ बच्चों का पालन-पोषण किसी संस्था या अनाथआश्रम में ना करा कर, किसी अपने सगे सम्बन्धी या किसी परिचित परिवार में ही इन बच्चों का पालन पोषण और शिक्षा-दिक्षा कराई जाए।
किनके लिए है अनाथ बच्चो के लिए
योजना कब सुरु हुई 2004 में
आधिकारिक वेबसाइट sje.rajasthan.gov.in
 यहां क्लिक करे 

पालनहार योजना में बच्चों को कितने पैसे मिलते हैं

  1. अनाथ श्रेणी के बच्चे को : Palanhar Yojana में अनाथ श्रेणी के बच्चों को 0- 6 वर्ष की आयु तक 1500 रुपए दिए जाते हैं और 6 से 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों को ₹2500 प्रति माह दिए जाते हैं। इसके अतिरिक्त ₹2000 प्रतिवर्ष वस्त्र, जूते एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए दिए जाते हैं।
  2. अन्य श्रेणी के बच्चे को : Palanhar Yojana की शुरुआत में 0-6 वर्ष की आयु तक के बच्चों को ₹500 प्रति माह दिए जाते थे, जिसे बढ़ाकर ₹750 प्रतिमाह कर दिया गया है और 6 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों को 1000 प्रति महा दिए जाते थे, जिसे बढ़ाकर 1500 रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त ₹2000 प्रति वर्ष वस्त्र जूते एवं अन्य कार्यों के लिए जाते थे, कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह बढ़ाई गई अनुदान की धनराशि 1 जुलाई 2023 से लागू की गई है।

नोट : Palanhar Yojana के अनुसार यदि बच्चा आंगनवाड़ी में है या स्कूल में पढ़ाई कर रहा है, यह जानकारी प्रत्येकवर्ष जुलाई में ई-मित्र के माध्यम से अपडेट कराना जरूरी है।

पालनहार योजना में आवेदन कैसे करें

पालनहार योजना में आवेदन करने के लिए आवेदक को अपने किसी नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर या अपने स्वयं के ई-मित्र खाते से ऑनलाइन लोगिन कर के आवेदन किया जा सकता है। Palanhar Yojana के लिए आवेदन शुल्क ₹55 रखा गया है, जिसे आप ई-मित्र के माध्यम से या ऑनलाइन जमा करा सकते हैं।

पालनहार योजना के उद्देश्‍य

  • अनाथ बच्चों का पालन-पोषण किसी संस्था या अनाथआश्रम में ना करा कर, किसी अपने सगे सम्बन्धी या किसी परिचित परिवार में ही इन बच्चों का पालन पोषण और शिक्षा-दिक्षा करना।
  • इच्छुक और पात्र परिवार को पालनहार बनाकर इन बच्चों की जिम्मेदारी सौंपी जाए।
  • इस योजना का उद्देश्य इन बच्चों को पारिवारिक माहौल में शिक्षा, भोजन, वस्त्र एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
  • जिन माता-पिता को संतान नहीं होती, वह भी बच्चों के पालनहार बनकर एक तरह से संतान का सुख प्राप्त कर सकेंगे और उन बच्चों को भी अनाथ होने का एहसास नहीं होगा।

पालनहार योजना में बच्चो की पात्रता 

  • अनाथ बच्चे-बच्चियां।
  • किसी कारणवश न्यायिक प्रक्रिया से मृत्युदंड अथवा आजीवन कारावास प्राप्त माता-पिता के बच्चे।
  • जिस विधवा माता का कोई सहारा ना हो उसके तीन बच्चे।
  • एचआईवी, एड्स, कुष्ठ रोग, और सिलिकोसिस जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित माता-पिता के बच्चे।
  • तलाकशुदा या परित्यक्ता महिला के बच्चे।
  • पुनर्विवाहित विधवा माता के बच्चे

पालनहार योजना में बच्चों के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • बच्चा यदि अनाथ है तो उसके माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र।
  • यदि किसी केस में कोर्ट द्वारा मृत्युदंड को आजीवन कारावास की सजा दी गई है तो उस सजा का प्रमाण।
  • जिस विधवा माता का कोई सहारा ना हो उनके विधवा पेंशन भुगतान की प्रति।
  • यदि माता-पिता गंभीर बीमारियों से पीड़ित है तो उसका मेडिकल प्रमाण पत्र।
  • यदि महिला तलाकशुदा या परित्यक्ता है तो उसका प्रमाण पत्र।
  • यदि विधवा माता का पुनर्विवाह हुआ हो तो पुनर्विवाह का प्रमाण पत्र।

पालनहार योजना में पालनहार की पात्रता 

  • पालनहार बनने के परिवार की वार्षिक आय 1.2 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • जिस अनाथ बच्चे के आप पालनहार बनना चाहते हैं उसकी आयु 18 वर्ष से कम होनी चाहिए।
  • पालनहार बनने के लिए आप कम से कम 3 वर्ष से राजस्थान में रह रहे हो।
  • यह पालनहार की जिम्मेदारी होगी कि ऐसे अनाथ बच्चों को 2 वर्ष की आयु से आंगनवाड़ी केंद्र पर तथा 6 वर्ष की आयु हो जाने पर स्कूल में भेजा जाए।

Palanhar Yojana जमा करवाए जाने वाले आवश्यक दस्तावेज

  • पालनहार का जन-आधार या भामाशाह कार्ड
  • आय-प्रमाण पत्र (बीपीएल कार्डधारक विधवा/तलाकशुदा महिला को आय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं है)
  • मूल निवास प्रमाण पत्र की फोटो कॉपी
  • बच्चे का आधार कार्ड की फोटो कॉपी
  • बच्चे का आंगनवाड़ी केंद्र पर पंजीकरण या विद्यालय में एड्मिशन प्रमाणपत्र
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