Kabir Ke Dohe in Hindi with Meaning | कबीर के दोहे

Kabir Ke Dohe in Hindi संत कबीर के सर्वश्रेष्ठ दोहे इस अंक में हम संत कबीर जी के द्वारा रचित दोहे व् साखी (Kabir Ke Dohe in Hindi) प्रस्तुत कर रहे है जिनसे हमें जीवन में बहुत प्रेरणा मिलती है | अधिकांश दोहे उनके भावार्थ सहित लिखे गए है जिससे उनके अर्थ को समझने में आसानी होगी | जब मैं था तब हरी नही, अब हरी है मैं नाहिं | सब अँधियारा मिटि गया , जब दीपक देख्या माहिं || Hindi Meaning :-इस दोहे में कबीर दास जी (Kabir Das)…

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